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जीवनसाथी में अच्छाई खोजें और खुश रहें। ” एक विश्वासी को अपनी पत्नी से घृणा नहीं करनी चाहिए। अगर उसका एक व्यवहार संतोषजनक नहीं है तो दूसरा होगा।” (हजरत मुहम्मद ﷺ)

जीवनसाथी में अच्छाई खोजें और खुश रहें। ” एक विश्वासी को अपनी पत्नी से घृणा नहीं करनी चाहिए। अगर उसका एक व्यवहार संतोषजनक नहीं है तो दूसरा होगा।” (हजरत मुहम्मद ﷺ) Ref: Wisdom  Media School | #IslamicQuotes by Ummat-e-Nabi.com

हर पल कीमती है। जीवन के वृक्ष से समय के पत्ते झड़ते है। “अतः जब निवृत हो तो परिश्रम में लग जाओ।” (कुरआन ९४:७)

हर पल कीमती है। जीवन के वृक्ष से समय के पत्ते झड़ते है। “अतः जब निवृत हो तो परिश्रम में लग जाओ।”  (कुरआन ९४:७) Ref: Wisdom  Media School | #IslamicQuotes by Ummat-e-Nabi.com

अनाथों के प्रति करुणा पर्याप्त नहीं है, सम्मान भी जरूरी है। “ऐसा नहीं, बल्कि तुम अनाथ का आदर नहीं करते।” (कुरआन ८९:१७)

क्या आप अनाथों का सम्मान करते हो? अनाथों के प्रति करुणा पर्याप्त नहीं है, सम्मान भी जरूरी है। “ऐसा नहीं, बल्कि तुम अनाथ का आदर नहीं करते।” (कुरआन ८९:१७) Ref: Wisdom  Media School | #IslamicQuotes by Ummat-e-Nabi.com

“सन्तान की हत्या न करे बल्कि सुरक्षा दे। और निर्धनता के भय से अपनी सन्तान की हत्या न करो, हम उन्हें भी रोज़ी देंगे और तुम्हें भी।” (कुरआन १७:३१)

“सन्तान की हत्या न करे बल्कि सुरक्षा दे। और निर्धनता के भय से अपनी सन्तान की हत्या न करो, हम उन्हें भी रोज़ी देंगे और तुम्हें भी।” (कुरआन १७:३१) Ref: Wisdom  Media School | #IslamicQuotes by Ummat-e-Nabi.com

जो सहयोग नहीं करता और निसहयोग बनाये रखता है, उसमें कोई भलाई नहीं है। (पैगंबर मोहम्मद ﷺ)

जो सहयोग नहीं करता और निसहयोग बनाये रखता है, उसमें कोई भलाई नहीं है। (पैगंबर मोहम्मद ﷺ) Ref: Wisdom  Media School | #IslamicQuotes by Ummat-e-Nabi.com

एकजुट हो कर रहें। और सब मिलकर अल्लाह की रस्सी को मज़बूती से पकड़ लो और विभेद में न पड़ो। (कुरआन ३:१०३)

एकजुट हो कर रहें। और सब मिलकर अल्लाह की रस्सी को मज़बूती से पकड़ लो और विभेद में न पड़ो। (कुरआन ३:१०३) Ref: Wisdom  Media School | #IslamicQuotes by Ummat-e-Nabi.com

बेटियाँ और बहनें स्वर्ग के रास्ते हैं। जिसको दो या तीन बेटियाँ या बहनें हैं, वह अगर उनको श्रद्धा से देखभाल और पालन पोषण करें तो उनके लिए स्वर्ग है। (पैगंबर मोहम्मद)

बेटियाँ और बहनें स्वर्ग के रास्ते हैं। जिसको दो या तीन बेटियाँ या बहनें हैं, वह अगर उनको श्रद्धा से देखभाल और पालन पोषण करें तो उनके लिए स्वर्ग है। (पैगंबर मोहम्मद) Ref: Wisdom  Media School | #IslamicQuotes by Ummat-e-Nabi.com

क्या मन अशांत है? रास्ता है। कुरआन के साथ रिश्ता बनाएं; कुरआन दिलों को स्वस्थ करता है और मार्गदर्शन देता है। (कुरआन १०:५७)

क्या मन अशांत है? रास्ता है। कुरआन के साथ रिश्ता बनाएं; कुरआन दिलों को स्वस्थ करता है और मार्गदर्शन देता है। (कुरआन १०:५७) Ref: Wisdom  Media School | #IslamicQuotes by Ummat-e-Nabi.com

विश्वास और व्यवहार को सही करें। परमेश्वर के अतिरिक्त किसी की आराधना न करें; और माँ-बाप के साथ, नातेदारों के साथ, अनाथों और मुहताजों के साथ अच्छा व्यवहार करें; और लोगों से भली बात कहें। (कुरआन २:८३)

विश्वास और व्यवहार को सही करें। परमेश्वर के अतिरिक्त किसी की आराधना न करें; और माँ-बाप के साथ, नातेदारों के साथ, अनाथों और मुहताजों के साथ अच्छा व्यवहार करें; और लोगों से भली बात कहें। (कुरआन २:८३) Ref: Wisdom  Media School | #IslamicQuotes by Ummat-e-Nabi.com

आज हम मुहर (मुद्रा) लगा देंगे उन के मुखों पर और हम से बात करेंगे उन के हाथ, तथा साक्ष्य (गवाही) देंगे उन के पैर उन के कर्मों की जो वे कर रहे थे। (कुरआन ३६:६५)

निश्चित रूप से अपराधी पकड़े जाएंगे। आज हम मुहर (मुद्रा) लगा देंगे उन के मुखों पर और हम से बात करेंगे उन के हाथ, तथा साक्ष्य (गवाही) देंगे उन के पैर उन के कर्मों की जो वे कर रहे थे। (कुरआन ३६:६५) Ref: Wisdom  Media School | #IslamicQuotes by Ummat-e-Nabi.com

पीड़ित की प्रार्थना, अल्लाह बिना किसी रूकावट से स्वीकार करता है।” (हजरत मुहम्मद ﷺ)

संकट में प्रार्थना उपाय है:  “पीड़ित की प्रार्थना, अल्लाह बिना किसी रूकावट से स्वीकार करता है।” (हजरत मुहम्मद ﷺ) Ref: Wisdom Media School | #IslamicQuotes by Ummat-e-Nabi.com

जो कुछ सुना उसे बयान करना झूठा ठहराने के लिए काफी है। (पैगंबर मोहम्मद ﷺ)

जुबान को लगाम देना अच्छा है। “जो कुछ सुना उसे बयान करना झूठा ठहराने के लिए काफी है।” (पैगंबर मोहम्मद ﷺ) Ref: Wisdom  Media School | #IslamicQuotes by Ummat-e-Nabi.com

जो शख्स रिश्तेदारों का हक अदा करने के लिए सदके का दरवाज़ा खोलता है तो अल्लाह तआला उस की दौलत को बढ़ा देता है [मुनदे अहमदः 9624] #IslamicQuotes

रसूलअल्लाह (ﷺ)  फरमाते है: “जो शख्स रिश्तेदारों का हक अदा करने के लिए सदके का दरवाज़ा खोलता है तो अल्लाह तआला उस की दौलत को बढ़ा देता है” [ मुनदे अहमदः 9624 ] RasoolAllah (ﷺ) ne farmaya: “Jo Shakhs Rishtedaro ka haq ada karne ke liye sadqe ka darwaza kholta hai to Allah Taala uske […]