Post 5 : Islam aur Humara Ghar

*पोस्ट 5⃣*

*इस्लाम और हमारा घर*

*घर में इबादत की जाए*
*नमाज़*

*अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:*
*जब तुम में से कोई आदमी मस्जिद में अपनी नमाज़ पढले तो अपनी नमाज़ का कुछ हिस्सा अपने घर के लिए भी रख छोड़े इस लिए के अल्लाह तआ़ला उस की नमाज़ों के ज़रिये से उसके घर में ख़ैर रखता है ।*

*(अहमद, मुस्लिम और इब्ने माजा ने जाबिर रज़िअल्लाहु अ़न्हु और दारकुत्नी ने अनस रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत किया है ।*
*(स़ही़ह़ अल जामे 731)*
*——J,Salafy✒——*
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*जिस शख़्स ने किसी नेकी का पता बताया, उसके लिए (भी) नेकी करने वाले के जैसा अजर हैं।*
*(स़ही़ह़ मुस्लिम: ज़ी. 3, हदीस 4665)*

इस्लाम और हमारा घर
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