पोस्ट 2 – इस्लाम और हमारा घर

*पोस्ट 2⃣* *इस्लाम और हमारा घर* *अच्छा इंतिखाब*     *नेक बीवी* *अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:**औरत से चार चीज़ों की बुनियाद पर निकाह किया जाता है । उस के माल, हसब व नसब, खुबसूरती और उस के दीन की बुनियाद पर, तो तुम दीन वाली को चुनो तुम्हारे हाथ खाक आलूद हों ।* *(मुत्तफकुन अलैह, […]

Hadees: Apne Padosi ko taklif mat pohchao …

अल्लाह के रसूल (ﷺ) ने फरमाया: “जो आदमी अल्लाह और आखिरत के दिन पर ईमान रखता हो, उसे चाहिए कि वह अपने पड़ोसी को तकलीफ ना पहंचाए।”– (सहीह बुखारी : 5185) Allah ke Rasool (Salallahu alaihi wasallam) ne farmaya: “Jo aadmi Allah aur akhirat ke din par Iman rakhta ho, usey Chahiye ke wo Apne Padosi […]

Hadees: Koi Shaq nahi sakht dil jisme reham na ho wah momin nahi ho sakta …

पैग़म्बर मुहम्मद ने फ़रमाया: “कृपा केवल दुःशील से उठा ली जाती हैं।” निःसन्देह कठोर हृदय जिसमें कृपा व दया न हो वह सच्चा आस्तिक (मोमिन) नहीं … islamshantihai.com

अल्लाकडे सर्वात जास्त प्रिय तो व्यक्ती आहे जो त्याच्या दासांना जास्तीत जास्त फायदा आणि नफा पोहोचू शकतो. [अल्लाह चे अंतिम पैगंबर मुहम्मद ﷺ]

“अल्लाकडे सर्वात जास्त प्रिय तो व्यक्ती आहे जो त्याच्या दासांना जास्तीत जास्त फायदा आणि नफा पोहोचू शकतो.” [अल्लाह चे अंतिम पैगंबर मुहम्मद ﷺ]

Dunia mukammal taur per matah hai ( Kuch wakt ke liye fayda uthane waali cheez.) …

नबी करीम (ﷺ) ने फरमायाः “दुनिया मुक़म्मल तौर पर मताअ (कुछ वक़्त तक के लिए फ़ायदा उठाने की चीज़) है, और बेहतरीन मता-ए-दुनिया, नेक़ बीवी है।”  Mishkat ul Masabih Vol. 2, Hadith No. 3083

Dunia ki Zindagi kuch nahi magar ek khel aur dil ka behlawa …

दुनिया और आख़िरत की ज़िन्दगी और यह दुनिया की ज़िन्दगी कुछ नहीं है मगर एक खेल और दिल का बहलावा। असल जिंदगी का घर तो आख़िरत है, काश यह लोग जानते! AL-QUR AN 29:64

पोस्ट 1 – इस्लाम और हमारा घर

*पोस्ट 1⃣* *इस्लाम और हमारा घर* *“अल्लाह तआ़ला ने फ़रमाया:”* *और अल्लाह ने तुम्हारे घरों को तुम्हारे लिए सुकून की जगह बनाया ।* *(सूरह अल नहल 80)* *✒जेपीपुने*————-

अल्लाह (परमेश्वर) से हटकर तुम जिन्हें पुकारते हो वे एक मक्खी भी पैदा नहीं कर सकते…

पवित्र कुरआन का दिव्य संदेश “ऐ लोगों! एक मिसाल पेश की जाती है। उसे ध्यान से सुनो, अल्लाह (परमेश्वर) से हटकर तुम जिन्हें पुकारते हो वे एक मक्खी भी पैदा नहीं कर सकते। यद्यपि इस के लिए वे सब इकट्ठे हो जाएं, और यदि मक्खी उनसे कोई चीज़ छीन ले जाए तो उससे वे उस […]