Aulad ke tumhare haq me astagfar karne ki fazilat

अबु हुरैरह(र.) से रिवायत है कि, रसूल अल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया “जन्नत में आदमी का दर्जा बुलंद कर दिया जाता है तो वो अर्ज करता है ये कैसे हुआ? इरशाद होता है कि तुम्हारी औलाद के तुम्हारे हक़ में असतग़फार के सबब से।” Sunan Ibn Majah 3660, Book 33, Hadith 4 Hasan (Darussalam) (one part […]

The word Allah, the proper name of God

The word ‘Allaah’, the proper name of God, indicates that Allaah is the true God who alone deserves to be worshipped, whom all creatures worship out of love, praise His greatness, revere Him and turn to Him in times of need and adversity. In fact, this name comprises all the meanings of His beautiful names. […]

Islam tumhe aadesh deta hai ke insaf karo

इस्लाम तुम्हें आदेश देता है कि तुम लोगों के साथ न्याय करो और उनके लिए वही चीज़ पसन्द करो जो अपने लिए पसन्द करो। IslamShantiHai.com #IslamicQuotes by Quotes.Ummat-e-Nabi.com

As-Salamu-Alaikum, wa Alaikum Assalam meaning in Hindi

सलाम एक शांति का अभिवादन है,जिसका अर्थ होता है आप पर सलामती होअर्थात आप पर शांति हो।As-Salamu-Alaikumआप पर शांति हो।wa Alaikum Assalam wa Rahmatullah.और आप पर भी शांति हो और अल्लाह की कृपा हो।कल्याणकारी मधुर संदेश

Gusse ke wakt kya kare ?

गुस्से के वक़्त क्या करें? नबी करीम (ﷺ) ने फरमाया: “जब तुम में से किसी को गुस्सा आए तो अगर वह खड़ा है तो बैठ जाए। अगर गुस्सा ख़त्म हो जाये तो बेहतर है वरना फिर लेट जाए।” Sahih (Al-Albani) Book 43. Hadith 10 Sunan Abi Dawud 4782 #IslamicQuotes by Quotes.Ummat-e-Nabi.com

पोस्ट 4: इस्लाम और हमारा घर

*पोस्ट 4⃣* *इस्लाम* *और हमारा घर* *सोने और जागने का वक़्त* *अबूबर्ज़ा रज़िअल्लाहु अ़न्हु फ़रमाते हैं:* *अल्लाह के रसूल ﷺ इशा से पहले सोने और उसके बाद बात चीत करने को नापसंद करते थे ।* *(बुखारी 535, मुस्लिम 1025)* *अल्फ़ाज़ बुखारी के हैं ।* *——-J,Salafy✒——-* *▪शेयर करें▪* *जिस शख़्स ने किसी नेकी का पता बताया, […]

Apni Jannat ko barbad na kare

“जिस व्यक्ति के माता-पिता या उनमें से कोई वृद्धावस्था में होने के बावजूद वह स्वर्ग नहीं पाता है तो उसके लिए बर्बादी, बर्बादी, बर्बादी है।”(पैगंबर मोहम्मद ) peaceradio media, school YOUTH wisdomyouth, wisdommediaschool  

Tou Aakhirat ki kamiyabi ke liye mehnat me lag jao …

हर पल कीमती है। जीवन के वृक्ष से समय के पत्ते झड़ते है। “अतः जब निवृत हो तो परिश्रम में लग जाओ।”(कुर्आान,९४:७) wisdomyouthwisdommediaschool

पोस्ट 3 – इस्लाम और हमारा घर

*पोस्ट 3⃣* *”इस्लाम और हमारा घर”*            *घर वालों की* *तालीम और उनकी तरबियत* *”घर वालों को दीन सिखाना”* *”अल्लाह तआ़ला ने फ़रमाया:”* *ऐ ईमान वालों ! तुम अपने आप को और अपने घर वालों को जहन्ऩम की आग से बचाओ ।* *(सूरह अल तहरीम 66)* *अली रज़िअल्लाहु अ़न्हु  (قُوۡۤا  اَنۡفُسَکُمۡ  وَ اَہۡلِیۡکُمۡ  نَارًا) की […]

पोस्ट 2 – इस्लाम और हमारा घर

*पोस्ट 2⃣* *इस्लाम और हमारा घर* *अच्छा इंतिखाब*     *नेक बीवी* *अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:**औरत से चार चीज़ों की बुनियाद पर निकाह किया जाता है । उस के माल, हसब व नसब, खुबसूरती और उस के दीन की बुनियाद पर, तो तुम दीन वाली को चुनो तुम्हारे हाथ खाक आलूद हों ।* *(मुत्तफकुन अलैह, […]

Hadees: Apne Padosi ko taklif mat pohchao …

अल्लाह के रसूल (ﷺ) ने फरमाया: “जो आदमी अल्लाह और आखिरत के दिन पर ईमान रखता हो, उसे चाहिए कि वह अपने पड़ोसी को तकलीफ ना पहंचाए।”– (सहीह बुखारी : 5185) Allah ke Rasool (Salallahu alaihi wasallam) ne farmaya: “Jo aadmi Allah aur akhirat ke din par Iman rakhta ho, usey Chahiye ke wo Apne Padosi […]

Hadees: Koi Shaq nahi sakht dil jisme reham na ho wah momin nahi ho sakta …

पैग़म्बर मुहम्मद ने फ़रमाया: “कृपा केवल दुःशील से उठा ली जाती हैं।” निःसन्देह कठोर हृदय जिसमें कृपा व दया न हो वह सच्चा आस्तिक (मोमिन) नहीं … islamshantihai.com

अल्लाकडे सर्वात जास्त प्रिय तो व्यक्ती आहे जो त्याच्या दासांना जास्तीत जास्त फायदा आणि नफा पोहोचू शकतो. [अल्लाह चे अंतिम पैगंबर मुहम्मद ﷺ]

“अल्लाकडे सर्वात जास्त प्रिय तो व्यक्ती आहे जो त्याच्या दासांना जास्तीत जास्त फायदा आणि नफा पोहोचू शकतो.” [अल्लाह चे अंतिम पैगंबर मुहम्मद ﷺ]

Dunia mukammal taur per matah hai ( Kuch wakt ke liye fayda uthane waali cheez.) …

नबी करीम (ﷺ) ने फरमायाः “दुनिया मुक़म्मल तौर पर मताअ (कुछ वक़्त तक के लिए फ़ायदा उठाने की चीज़) है, और बेहतरीन मता-ए-दुनिया, नेक़ बीवी है।”  Mishkat ul Masabih Vol. 2, Hadith No. 3083

Dunia ki Zindagi kuch nahi magar ek khel aur dil ka behlawa …

दुनिया और आख़िरत की ज़िन्दगी और यह दुनिया की ज़िन्दगी कुछ नहीं है मगर एक खेल और दिल का बहलावा। असल जिंदगी का घर तो आख़िरत है, काश यह लोग जानते! AL-QUR AN 29:64

पोस्ट 1 – इस्लाम और हमारा घर

*पोस्ट 1⃣* *इस्लाम और हमारा घर* *“अल्लाह तआ़ला ने फ़रमाया:”* *और अल्लाह ने तुम्हारे घरों को तुम्हारे लिए सुकून की जगह बनाया ।* *(सूरह अल नहल 80)* *✒जेपीपुने*————-

अल्लाह (परमेश्वर) से हटकर तुम जिन्हें पुकारते हो वे एक मक्खी भी पैदा नहीं कर सकते…

पवित्र कुरआन का दिव्य संदेश “ऐ लोगों! एक मिसाल पेश की जाती है। उसे ध्यान से सुनो, अल्लाह (परमेश्वर) से हटकर तुम जिन्हें पुकारते हो वे एक मक्खी भी पैदा नहीं कर सकते। यद्यपि इस के लिए वे सब इकट्ठे हो जाएं, और यदि मक्खी उनसे कोई चीज़ छीन ले जाए तो उससे वे उस […]